INDUSTRY
वित्त वर्ष 2025-26 में भारतीय ऑटो कंपोनेंट इंडस्ट्री का राजस्व 8-10 प्रतिशत तक बढ़ने का अनुमान है। गुरुवार को आई एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
भारतीय मोबिलिटी इंडस्ट्री का आकार 2030 तक दोगुना होकर 600 अरब डॉलर को पार कर सकता है, यह जानकारी शनिवार को जारी हुई एक रिपोर्ट में दी गई।
यह इवेंट भारत को वैश्विक ऑटोमोबाइल उद्योग में एक मजबूत पहचान दिलाने के साथ-साथ देश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि यह इवेंट न केवल बिजनेस के लिए, बल्कि ऑटोमोबाइल के शौकीनों के लिए भी एक यादगार अनुभव होगा।
भारत की इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) और उसकी सहायक इंडस्ट्रीज में अगले 5 से 6 वर्षों में 40 अरब डॉलर का निवेश होने की संभावना है। यह जानकारी बुधवार को जारी हुई एक रिपोर्ट में दी गई।
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के मुताबिक भारत की घरेलू ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री वित्त वर्ष 24 में 20 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2047 तक 1.6 ट्रिलियन डॉलर ( 134 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच सकती है। ऑटो इंडस्ट्री के तेजी से बढ़ने की वजह इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के चलन में इजाफा बताया जा रहा है।
उद्योग जगत के खिलाड़ियों ने सोमवार को फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (फेम) इंडिया फेज II की योजना के परिव्यय को बढ़ाने के सरकार के कदम की सराहना करते हुए कहा कि इससे बुनियादी ढांचे में वृद्धि होगी, इलेक्ट्रिक वाहनों को देशभर में व्यापक रूप से अपनाने और लंबे समय तक चलने को बढ़ावा मिलेगा।
एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज ने कहा कि यात्री वाहनों (पीवी) की मांग में कमी,
30 लाख रूपए तक की कारें दो लाख रूपए तक महंगी हो जाएंगी। 50 लाख रूपए तक की लग्ज़री कारों के दाम 4 लाख रूपए तक बढ़ सकते हैं ...
लोगों के पास खर्च करने लायक आमदनी बढ़ने से उद्योग के लिए दीर्घ अवधि की संभावनाएं सकारात्मक बनी हुई है ...
अब आॅटोमोबाइल सेक्टर में इस तारीख से क्या-क्या बदलाव हुए हैं, आइए इन्हें विस्तार से जानते हैं ...
पिछले 4 सालों का दूसरी सबसे अच्छी बढ़ोतरी है। अभी फाइनेंसियल ईयर खत्म होने में एक महीने से ज्यादा समय बाकी है, ऐसे में ...
कुछ बातें जो आॅटोनोमस ट्रैक्टर्स की सफलता के लिए जरूरी हैं। आइए, जानते हैं ...
अमेरिकन ट्रेक्टर निर्माता कंपनी जाॅन डीर जल्दी ही ग्रीन होने वाली है। हम तो बात कर रहे हैं कंपनी के फुल्ली इलेक्ट्रिक ट्रेक्टर की जो ...
साल 2016 अंतिम पड़ाव पर है। अब हर सोमवार को हम आपको 2016 में हुए कुछ अच्छी और बुरी घटनाओं से वाकिफ कराएंगे, जिन्होंने ...
अब जमाना आॅटोनोमस ट्रैक्टर का हो सकता है। नाॅर्थ डाकोटा की एक आॅटो कंपनी इस टेकनोलाॅजी पर कई महीनों से काम कर रही है।
भारत सरकार ने देशभर में 500 और 1000 रूपए के नोट बैन कर दिए हैं। इस बैन का असर आॅटो इंडस्ट्री पर कितना रहेगा, जानने के लिए .....
देश की अग्रणी ट्रैक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी सोनोलिका आईटीएल ने ट्रैक्टर्स की एक नई रैंज देश में उतारी है। इस रैंज में 4 ट्रैक्टर्स शामिल हैं।
24HP पावर मशीन अच्छी मानी जाती है। यह एक शुरूआती रैंज है जो न केवल दमदार है, बल्कि किफायती भी है।
जाॅन डीयर कंपनी ने कुल 24 हजार ट्रैक्टर्स एक्सपोर्ट किए हैं। यह सभी ट्रक देश में ही मैन्युफैक्चर हुए हैं जिन्हें 110 देशों में बेचा गया है।
पहली बार ट्रैक्टर खरीदने वालों के लिए यह जानकारी काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। आइए जानते हैं ....