ओला इलेक्ट्रिक ने ईवी पंजीकरण और ट्रेड सर्टिफिकेट्स पर सरकारी इंक्वायरी को स्वीकार किया

नई दिल्ली । ओला इलेक्ट्रिक ने शुक्रवार को कहा कि भारी उद्योग मंत्रालय (एमएचआई) एवं सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) ने कंपनी के बिक्री आंकड़ों में खामियों और व्यापार के लिए जरूरी सर्टिफिकेट को लेकर पूछताछ की है।
ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी ने रेगुलेटरी फाइलिंग में कहा कि मंत्रालय की ओर से ट्रेड सर्टिफिकेट के नियमों का पालन करने को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
इलेक्ट्रिक वाहन कंपनी ने कहा कि वह इन पूछताछ का जवाब देने की प्रक्रिया में है, लेकिन उनके खिलाफ कोई नियामक या कानूनी कार्यवाही नहीं चल रही है।
ओला इलेक्ट्रिक की जांच ऐसे समय पर शुरू हुई जब कंपनी के फरवरी के बिक्री और वाहन पंजीकरण के आंकड़ों में बड़ा अंतर देखने को मिला है।
कंपनी ने कहा कि वाहन पंजीकरण और बिक्री के आंकड़े में अंतर की वजह पंजीकरण का बकाया रहना है।
इसके अतिरिक्त, ओला इलेक्ट्रिक ने बताया कि उसे अपने कुछ स्टोर्स के लिए ट्रेड सर्टिफिकेट से संबंधित चार राज्यों में नोटिस मिले हैं। कंपनी ने आश्वासन दिया कि इन चिंताओं को दूर करने के लिए प्रयास कर रही है।
कंपनी ने आगे कहा कि फरवरी में पंजीकरण में देरी तब हुई जब उसने पंजीकरण प्रक्रिया को मैनेज करने वाले दो नेशनल वेंडर्स के साथ एग्रीमेंट समाप्त कर दिया। यह कदम ऑपरेशंस में सुधार करने की रणनीति के तहत उठाया गया था।
इन चुनौतियों के बावजूद, ओला इलेक्ट्रिक ने कहा कि प्रतिदिन होने वाले पंजीकरण अब बढ़ गए हैं।
कंपनी ने विश्वास जताया कि वह इन चिंताओं का समाधान करेगी और इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में अपना विस्तार जारी रखेगी।
कंपनी ने कहा, "हमारा ध्यान बकाया मामलों को कुशलतापूर्वक हल करने तथा पारदर्शिता और विश्वसनीयता के साथ अपने ग्राहकों को सेवा प्रदान करने पर केंद्रित है।"
ओला इलेक्ट्रिक के शेयर में बीते कुछ महीनों से बड़ी गिरावट देखने को मिली है। यह अगस्त के अपने उच्चतम स्तर 157 रुपये से करीब 60 प्रतिशत से अधिक गिर चुका है।
--आईएएनएस
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